ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के बाद बदला सुरक्षा परिदृश्य, नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण

शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर, । मई 2025 में हुए ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के बाद देश की आंतरिक और नागरिक सुरक्षा व्यवस्था में आए बदलावों के तहत सहारनपुर में नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा सात दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन, हवाई हमले से बचाव, राहत कार्य और अग्नि सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

अग्नि यंत्रों के उपयोग और फायर सेफ्टी की ट्रेनिंग मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रताप सिंह, फायर अधिकारी ऋषम पवार, उप नियंत्रक कश्मीर सिंह, चीफ वार्डन राजेश कुमार जैन तथा सहायक उप नियंत्रक दिनेश कुमार द्वारा दी गई। प्रशिक्षण में स्वयंसेवकों को आग बुझाने के आधुनिक उपकरणों के प्रयोग और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की विधियां सिखाई गईं।
प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के विजन के अनुरूप प्रदेश के सभी 75 जिलों में नागरिक सुरक्षा का विस्तार किया गया है। सहारनपुर में कुल 360 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। प्रथम चरण में 1 नवंबर 2025 से 7 नवंबर 2025 तक महाराज सिंह कॉलेज में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में 150 सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया था। दूसरे चरण में 23 फरवरी 2026 से शुरू हुए विशेष सत्र में 210 स्वयंसेवकों को सात दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रकार अब तक 310 स्वयंसेवक प्रशिक्षित होकर राष्ट्र सेवा के लिए तैयार हो जाएंगे।
उप नियंत्रक कश्मीर सिंह ने बताया कि भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के बाद मुख्यमंत्री के निर्देशन और भारत सरकार की 29 मई 2025 की अधिसूचना के अनुपालन में प्रदेश के सभी जिलों में नागरिक सुरक्षा विभाग की स्थापना की गई। सरकार द्वारा प्रत्येक जनपद में 360 स्वयंसेवकों को क्षमता निर्माण प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए हैं।
चीफ वार्डन राजेश कुमार जैन ने कहा कि नागरिक सुरक्षा के वार्डन समाज के बिना वर्दी के सिपाही हैं, जो निस्वार्थ भाव से सेवा करते हैं। उन्होंने बताया कि विभाग का मुख्य उद्देश्य हवाई हमले की स्थिति में जन-धन की क्षति को न्यूनतम करना, जनमानस का मनोबल बनाए रखना और उत्पादन क्षमता को सुरक्षित रखना है। वर्तमान समय में प्राकृतिक आपदाओं, राहत एवं बचाव कार्यों तथा धार्मिक आयोजनों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने में भी स्वयंसेवकों की अहम भूमिका है। उन्होंने बताया कि नगर की आबादी के अनुसार जल्द ही चार नए डिवीजन सक्रिय करने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति के निर्देशों का भी उल्लेख किया गया। बताया गया कि 1962 के बाद पहली बार केंद्र सरकार ने नागरिक सुरक्षा के लिए विशेष बजट आवंटित किया है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के “सशक्त नागरिक, सुरक्षित भारत” के संकल्प के अनुरूप अब वार्डनों को साइबर सुरक्षा और आधुनिक राहत तकनीकों से भी जोड़ा जा रहा है।
कार्यक्रम का संचालन सहायक उप नियंत्रक दिनेश कुमार ने किया। इस अवसर पर डिप्टी चीफ वार्डन हंसराज सैनी, डॉ. एम.पी. चावला, विलय जैन, नीना जैन, सरफराज खान, मेहरबान अंसारी, खालिद सिद्दीकी, वीरसैन जैन, अर्चना राणा, दीपक गुप्ता, आयुष जैन, राजा, अविनाश जैन, नरेश सैनी, दीपक जैन, सहीराम, पवन सिंघल, राजवीर वर्मा, उमा शंकर सिंह, सम्पूर्णानन्द, नरेन्द्र कुमार, विकास कुमार, सतीश कुमार, अमित जैन, कविता गुप्ता, हेमलता, देवेन्द्र कुमार, संगीता, अवनेन्द्र कुमार और अशोक कुमार सहित सैकड़ों स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
नागरिक सुरक्षा विभाग का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जनपद में आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


















