ऑपरेशन सिन्दूर के बाद सुदृढ़ हुई नागरिक सुरक्षा, 160 स्वयंसेवकों ने शुरू की विशेष ट्रेनिंग


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर, । ऑपरेशन सिन्दूर के बाद बदले सुरक्षा परिदृश्य के बीच सहारनपुर में नागरिक सुरक्षा विभाग ने सात दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों पर आयोजित इस प्रशिक्षण के द्वितीय चरण का उद्घाटन एडीएम (ई) संतोष बहादुर सिंह और चीफ वार्डन राजेश कुमार जैन ने किया।
प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के विजन के अनुरूप प्रदेश के सभी 75 जिलों में नागरिक सुरक्षा विभाग का विस्तार किया गया है। सहारनपुर में कुल 360 स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन, हवाई हमले से बचाव एवं राहत कार्यों के लिए प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रथम चरण में 150 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जबकि द्वितीय चरण में 160 स्वयंसेवक सात दिवसीय आधुनिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इस प्रकार अब तक 300 स्वयंसेवक प्रशिक्षित हो चुके हैं।
एडीएम (ई) संतोष बहादुर सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर के बाद स्पष्ट हुआ है कि नागरिक सुरक्षा की भूमिका अब केवल युद्धकाल तक सीमित नहीं है, बल्कि हर नागरिक को फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिविल डिफेंस वार्डन निस्वार्थ भाव से कार्य करते हैं और सहारनपुर में उनका योगदान सराहनीय है।
उप नियंत्रक कश्मीर सिंह ने बताया कि भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान बनी परिस्थितियों के बाद 29 मई 2025 की अधिसूचना के अनुपालन में प्रदेश के सभी जिलों में नागरिक सुरक्षा विभाग की स्थापना की गई। मुख्यमंत्री के निर्देशन में जनपद में 360 स्वयंसेवकों को क्षमता निर्माण प्रशिक्षण दिए जाने का लक्ष्य तय किया गया है।
चीफ वार्डन राजेश कुमार जैन ने कहा कि नागरिक सुरक्षा के वार्डन समाज के ‘बिना वर्दी के सिपाही’ हैं। उनका उद्देश्य हवाई हमलों से जन-धन की क्षति को न्यूनतम करना, जनमानस का मनोबल बनाए रखना और उत्पादन क्षमता को सुरक्षित रखना है। उन्होंने बताया कि आबादी के अनुरूप नगर में चार नए डिवीजन सक्रिय करने का प्रयास किया जा रहा है।
बैठक में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति के निर्देशों का भी उल्लेख किया गया। बताया गया कि 1962 के बाद पहली बार केंद्र सरकार ने नागरिक सुरक्षा के लिए विशेष बजट आवंटित किया है। रक्षामंत्री Rajnath Singh के ‘सशक्त नागरिक, सुरक्षित भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए वार्डनों को साइबर सुरक्षा एवं आधुनिक राहत तकनीकों से भी जोड़ा जा रहा है।
कार्यक्रम का संचालन सहायक उप नियंत्रक दिनेश कुमार ने किया। इस अवसर पर उप नियंत्रक कश्मीर सिंह, डिप्टी चीफ वार्डन हंसराज सैनी, डॉ. एम.पी. चावला, विनय जैन, नीना जैन, सरफराज खान, मेहरबान अंसारी, खालिद सिद्दीकी, वीरसैन जैन, अर्चना रानी, दीपक गुप्ता, आयुष जैन, राजा अविनाश जैन और नरेश सैनी सहित सैकड़ों पदाधिकारी एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
नागरिक सुरक्षा विभाग की यह पहल जनपद में आपदा प्रबंधन तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


















