सनातन धर्म के जागृत संत हैं रामकृष्ण परमहंस: स्वामी कालेंद्रानंद महाराज


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। स्वामी कालेंद्रानंद जी महाराज ने कहा कि राम कृष्ण परमहंस सनातन धर्म के जागृत संत हैं। स्वामी कालेंद्रानंद महाराज राधा विहार स्थित महाशक्ति पीठ वैष्णवी महाकाली मंदिर में श्री रामकृष्ण परमहंस जन्मोत्सव के अवसर पर ज्ञान की अमृतवर्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा स्वामी रामकृष्ण परमहंस ऐसे जागृत संत थे जिन्होंने मां काली की प्रतिमा को सजीव रूप में जागृत किया जो उनसे बातें किया करती थी और उनके हाथ से भोग प्रसाद खाती थी। रामकृष्ण परमहंस जी का जीवन जन कल्याण के लिए समर्पित रहा स्वामी विवेकानंद जैसे उनके परम शिष्यों में से एक थे जिन्होंने जनकल्याण के लिए अपने जीवन को समर्पित किया। महाराज श्री ने कहा यदि गुरु जागृत एवं समर्थ है तो शिष्य में जागृति निश्चित हो जाती है बिना जागृति के प्रभु की प्राप्ति संभव नहीं है। इसलिए जागृत गुरु की शरणागति ही जीव का उद्धार करती है। उन्होंने कहा स्वामी रामकृष्ण परमहंस का जीवन संदेशशील एवं अनुकरणीय है क्योंकि जागृत गुरु ही भक्ति के मार्ग के सभी पर्दे हटाती है जो गुरु के मुख से अमृत धारा के रूप में शिष्यों का कल्याण करती है। महाराज श्री ने कहा जीव की मुक्ति का महामार्ग गुरु भाव का महान पथ है। यही भाव शिष्य में जागृति प्रकट कर उसमें दया, करुणा एवं जगत कल्याण की भावना को प्रकट कर उसे जगत कल्याण के लिए प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा स्वामी रामकृष्ण परमहंस जैसा जागृत गुरु हुई स्वामी विवेकानंद जैसा शिष्य प्रदान कर जगत का कल्याण करने का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इससे पूर्व उन्होंने श्री रामकृष्ण परमहंस जी की प्रतिमा का महा अभिषेक विष्णु सहस्त्रनाम से किया। साथ ही गुरु जी को वस्त्र अर्पण कर माल्या अर्पण किया गया। इसके बाद महा भोग अर्पण कर आरती उतारी गई और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रमेश चंद शर्मा, नरेश चंदेल, अश्विनी काम्बोज, राजेंद्र धीमान, संजय जैन, मांगेराम त्यागी, अश्वनी त्यागी, ज्ञानेंद्र पुंडीर, वर्षा, किरण, बबली, विभा, संगीता, बबीता, राजबाला, सुदेश आदि श्रद्धालुगण मौजूद रहे।


















