संत निरंकारी मिशन का ‘प्रोजेक्ट अमृत’ चौथा चरण 22 फरवरी को
स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान के तहत देशभर के 1500 से अधिक स्थानों पर एक साथ होगा आयोजन


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जनजागरण के उद्देश्य से संत निरंकारी मिशन द्वारा संचालित ‘प्रोजेक्ट अमृत’ के अंतर्गत ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान का चौथा चरण 22 फरवरी 2026 को प्रातः 8 बजे से 11 बजे तक देशभर में आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम परम श्रद्धेय सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के निर्देशानुसार भव्य रूप से संपन्न होगा।
सहारनपुर में यह आयोजन पूर्वांचल छठ घाट मानकमऊ तथा देवबंद स्थित श्री त्रिपुर माँ बाला सुंदरी देवीकुंड भवन में किया जाएगा। मिशन के सचिव जोगिंदर सुखीजा ने बताया कि देशभर में 1500 से अधिक स्थानों पर एक साथ होने वाला यह अभियान ऐतिहासिक स्वरूप धारण करेगा और जल संरक्षण के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाएगा।
जल संरक्षण को जीवनशैली बनाने का संदेश
उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य समाज को यह अनुभूति कराना है कि जल केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार और ईश्वर की अमूल्य देन है। इसकी रक्षा करना प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है। वर्ष 2023 में मिशन ने संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से ‘प्रोजेक्ट अमृत’ का शुभारंभ किया था, जो जल संरक्षण को एक सतत जीवनशैली और सेवा-भाव के रूप में अपनाने की प्रेरणा देता है।
नदियों, झीलों, तालाबों, कुओं और झरनों जैसे प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण के लिए समर्पित इस अभियान के पहले तीन चरणों में व्यापक जनसहभागिता देखने को मिली थी। चौथे चरण को और अधिक संगठित एवं व्यापक स्तर पर क्रियान्वित किया जा रहा है।
जागरूकता कार्यक्रम भी होंगे आयोजित
अभियान के तहत गीत-संगीत, सामूहिक गान, जागरूकता संगोष्ठियों और सोशल मीडिया अभियानों के माध्यम से जलजनित रोगों और स्वच्छता के महत्व पर लोगों को जागरूक किया जाएगा। मिशन का संदेश है कि स्वच्छ जल से स्वच्छ मन और स्वच्छ समाज का निर्माण संभव है।
सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज का संदेश है कि आने वाली पीढ़ियों के लिए इस धरती को और अधिक सुंदर, स्वच्छ एवं संतुलित रूप में संजोकर रखना हम सबका दायित्व है। ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान इसी संकल्प का सशक्त प्रतीक बनकर उभर रहा है।



















