रात्रि में भारी वाहनों की एंट्री पर रोक से कारोबार प्रभावित
सरसावा कट व गागलहेड़ी मार्ग पर ट्रकों को रोके जाने और अवैध वसूली के आरोप


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सहारनपुर शहर में रात्रि 12 बजे के बाद भारी मालवाहक वाहनों की एंट्री को लेकर ट्रांसपोर्टरों और व्यापारियों में भारी नाराजगी है। आरोप है कि यमुनानगर बाईपास और पंजाब की ओर से शहर के लिए माल लेकर आने वाले ट्रकों को सरसावा कट पर ही रोक दिया जाता है और उन्हें शहर में प्रवेश नहीं करने दिया जाता।
ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि सरसावा टोल प्लाजा पार करने के बाद सहारनपुर शहर में माल उतारने जा रहे वाहनों को सरसावा कट से आगे नहीं बढ़ने दिया जाता। इसी प्रकार गागलहेड़ी की ओर से ट्रांसपोर्ट नगर या शहर में प्रवेश करने वाले वाहनों को भी रात्रि में सिपाहियों द्वारा रोक दिया जाता है। इससे शहर के व्यापार पर सीधा असर पड़ रहा है।
व्यापारियों के अनुसार, कई दुकानों और गोदामों पर रात के समय माल उतरना निर्धारित रहता है, लेकिन वाहनों के रोके जाने से समय पर डिलीवरी नहीं हो पाती, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है। आरोप यह भी है कि सरसावा कट पर तैनात कुछ होमगार्ड रात्रि में ड्राइवरों से अवैध वसूली कर वाहनों को प्रवेश दे देते हैं, जबकि अन्य को ‘नो एंट्री’ का हवाला देकर बाईपास की ओर भेज दिया जाता है। गागलहेड़ी क्षेत्र में भी इसी तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं।
स्थानीय व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि प्रशासन की ओर से रात्रि में भारी वाहनों के प्रवेश पर कोई आधिकारिक प्रतिबंध है तो उसका स्पष्ट आदेश सार्वजनिक किया जाए। वहीं यदि ऐसी कोई रोक नहीं है तो ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
व्यापारियों ने पुलिस अधीक्षक यातायात, थाना सरसावा प्रभारी और थाना गागलहेड़ी प्रभारी से मामले का संज्ञान लेकर व्यवस्था को पारदर्शी बनाने तथा कथित अवैध वसूली पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि शहर की अर्थव्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए माल वाहनों की निर्बाध और समयबद्ध आवाजाही सुनिश्चित की जानी चाहिए।


















