सिद्धपीठ श्री बालाजी धाम में दिव्य गीता सत्संग का आयोजन
जीवन जीने का सूत्र है गीताजी: स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सिद्धपीठ श्री बालाजी धाम के 18 वार्षिक महोत्सव के कार्यक्रम की श्रृंखला में दिव्य गीता सत्संग का आयोजन किया गया जिसमें श्रद्धालु झूमने को मजबूर हो गए। बेहट रोड स्थित सिद्धपीठ श्री बालाजी धाम में आयोजित सत्संग में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने श्रद्धालुओं गीता जी के द्वारा जीवन जीने का सूत्र प्रदान किया। श्री बालाजी धाम के संस्थापक अतुल जोशी महाराज के सानिध्य में स्टार पेपर मिल के मुख्य महा प्रबंधक इंद्रजीत सिंह, गंगा सभा हरिद्वार से पधारे उज्ज्वल पंडित, आज के यजमान सजल भरतरी ने संयुक्त रूप से दिप प्रज्वलित कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इसके उपरांत अतुल जोशी महाराज, अरुण जोशी एवं मयंक जोशी ने मिलकर व्यास पीठ का पूजन किया जिसमें गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज को माल्यार्पण कर वह शॉल ओढ़ाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके उपरांत गीता मनीषी स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज ने अपने वचनों द्वारा गीता के सूत्र को जीवन में उतारकर अपने जीवन को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गीता भगवान श्री कृष्ण के मुख से निकली हुई है, केवल विश्व में एकमात्र गीता ही ऐसा ग्रंथ है जिसे भगवान ने अपने मुख से उच्चारण कर जनकल्याण के लिए विश्व को प्रदान किया है। कलयुग में गंगा, गाय, माता और गीता साक्षात ईश्वर स्वरूप ही हैं। मंच संचालन आचार्य दीपक अग्निहोत्री ने किया। इस अवसर पर अशोक चावला, योगेश गौनियाल, पूर्व भाजपा महानगर अध्यक्ष राकेश जैन मानसिंह जैन, सन्नी छाबड़ा, के मिश्रा, दीपक सागर, तपेश्वर दत्त, सुरेंद्र कुमार, अनिल सैनी, मनोज बलिया, आचार्य शुभम कौशिक, पंडित शेष राज मिश्रा, खेमराज मिश्रा आदि सहित भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।


















