शिवालय महादेव मंदिर में शिव महापुराण कथा का समापन
पूर्णाहुति के साथ हुआ हवन, श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन


शहरी चौपाल ब्यूरो
नकुड़ (सहारनपुर)। कस्बे के शिवालय महादेव मंदिर में चल रही शिव महापुराण कथा का समापन सोमवार को हवन-पूजन और पूर्णाहुति के साथ हुआ। कथा समापन के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में नगरवासियों ने प्रसाद ग्रहण किया।
शिव महापुराण कथा आचार्य कुलदीप जी के सानिध्य में राहुल कृष्णन जी द्वारा संपन्न कराई गई। कथा के अंतिम दिन नगर की सैकड़ों महिलाएं और पुरुष श्रद्धा भाव से उपस्थित रहे।
कथा वाचक ने शिव महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि यह पुराण भगवान शिव के महात्म्य से ओत-प्रोत है। भगवान शिव पापों का नाश करने वाले और अत्यंत सरल स्वभाव के देव हैं। उनका एक नाम भोलेनाथ भी है, जो अपने भक्तों पर शीघ्र प्रसन्न होकर मनोवांछित फल प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों में भावनाओं का विशेष महत्व होता है। सूर्य, चंद्रमा, जल, पृथ्वी और वायु शिव तत्व के प्रतीक हैं। श्रद्धालुओं से अपने आसपास स्वच्छ और शांत वातावरण बनाए रखने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि जहां स्वच्छता और शांति होती है, वहीं देवताओं का वास होता है।
कथा के दौरान बताया गया कि जल, वायु और पेड़-पौधे जड़ और चेतन रूप में एक-दूसरे के सहायक हैं। जब अधार्मिकता बढ़ती है और मनुष्य अपने कर्म को भूल जाता है, तब शिव और शक्ति का वास नहीं रहता।
भगवान शिव की महिमा का वर्णन करते हुए कहा गया कि उनकी भक्ति से मनुष्य सांसारिक बंधनों से मुक्त होकर सुख और समृद्धि प्राप्त कर सकता है। शिव महापुराण कथा का श्रवण पापों से मुक्ति का मार्ग है।
कथा के समापन पर आयोजित हवन में पूर्णाहुति दी गई और उसके बाद भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूरे आयोजन में भक्तिमय वातावरण बना


















