शिव शक्ति का मिलन ही है महाशिवरात्रि: कालेंद्रानंद महाराज


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा कि शिव शक्ति का मिलन ही महाशिवरात्रि है। राधा विहार स्थित औघड़ दानी नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में श्री रामकृष्ण विवेकानंद संस्थान के तत्वाधान में आयोजित शिवरात्रि महापर्व पर औघड़ दानी नर्मदेश्वर महादेव का जला अभिषेक करने के लिए प्रातःकाल 4ः00 बजे से लंबी लाइन और लोगों की भीड़ लगी हुई थी। महादेव को दिव्य रूप में सजाया गया और रुद्राभिषेक उपरांत भोले बाबा का दिव्य श्रृंगार किया गया। महाशिवरात्रि महिमा का वर्णन करते हुए स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा शिव ही जगत का मूल तत्व है और प्रकृति परम शक्ति है, जब प्रकृति और पुरुष का मिलन होता है वही आधार महाशिवरात्रि कहलाता है। महाशिवरात्रि आत्मा और परमात्मा का मिलन भी कहा जाता है। महाराज श्री ने कहा कि जगत में समस्त चराचर प्रकृति रूप है क्रिया रूप है अर्थात मां भगवती पार्वती ही इस रूप में विराजती हैं। इसलिए प्रकृति और पुरुष का मिलन ही मां मिलन महापर्व शिवरात्रि कहलाता है। महाराज श्री ने कहा कि शिव पिंडी ज्योतिर्मय आधार है जो स्वयं ब्रह्म ज्योति है, उसे ज्योति में साक्षात ब्रह्मा, विष्णु, महेश तृणात्मक सत्ता में विराजते हैं जो शिव का आधार अर्थात कल्याण का मार्ग प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि शिव पर जलाभिषेक करने से दैहिक, दैविक और भौतिक तीनों टेपों में संतुलन बना रहता है। संतुलन ही शिव है और शिव ही कल्याण है। उन्होंने कहा शिव कि शरणागति होने पर जब जीव की आत्मा परमात्मा का अनुसरण कर उसमें समाहित होती है तो यही जीव आत्मा की शिवरात्रि होती है। प्रत्येक जीव को अपने आत्म भाव को शिवा आधार में समाहित करने का प्रयास करना चाहिए। ऐसा यही आधार मोक्ष का मार्ग है। इस अवसर पर रामेश चंद शर्मा, संजय जैन, अश्विनी काम्बोज, मुकेश काम्बोज, मांगेराम त्यागी, अनिल कश्यप, अनिल नारंग, नरेश चंदेल, संजय राणा, कुसुम, सुचेता, बाला, बबली, बबीता, सरला आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।


















