गागलहेड़ी में 500 से अधिक लोगों की मौजूदगी में हिंदू सम्मेलन, पंच परिवर्तन का दिया संदेश


शहरी चौपाल ब्यूरो
गागलहेड़ी (सहारनपुर)। गागलहेड़ी, बेहड़ी एवं कैलाशपुर मंडल के संयुक्त तत्वावधान में विरासत बैंकट हॉल, गागलहेड़ी में भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। सम्मेलन में 500 से अधिक लोगों की उपस्थिति रही, जिनमें 250 से अधिक महिलाओं की सक्रिय सहभागिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही। पूरा सभागार राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना से ओतप्रोत नजर आया।
मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग कार्यवाह अरविंद कुमार ने संगठन की 100 वर्ष की गौरवशाली यात्रा और राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला।
विशेष वक्ता के रूप में अखिल भारतीय किसान संघ, मेरठ प्रांत के प्रांत संगठन मंत्री सुनील कुमार ने “पंच परिवर्तन” विषय को विस्तार से समझाया। उन्होंने सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी अपनाने, परिवार प्रबोधन और नागरिक कर्तव्य पालन को समाज सशक्तिकरण की आधारशिला बताया। उनके उद्बोधन ने उपस्थित जनसमूह को आत्ममंथन और सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा दी।
विशिष्ट अतिथि पूज्य स्वामी दिनेशानंद भारती जी महाराज महामंडलेश्वर एवं पूज्य श्री श्री 1008 अंतर्राष्ट्रीय महामंडलेश्वर साध्वी जमुनादास जी ने हिंदुत्व, संस्कृति संरक्षण और सामाजिक एकता पर ओजस्वी विचार व्यक्त किए।
सम्मेलन समिति के अध्यक्ष शेर सिंह पाठक, संरक्षक अरविंद गुप्ता, महेंद्र धीमान, कवरपाल मास्टर, ईश्वर चौधरी एवं सचिव योगेश कुमार के नेतृत्व में कार्यक्रम का सफल संचालन हुआ। सह सचिव विनीत गुप्ता, सुमन सैनी तथा उपाध्यक्ष आधार भारद्वाज, विकास सैनी, राजेंद्र यादव, विजय गुप्ता, राजेश जौहरी, कार्तिक जैन, सचिन भारद्वाज, डॉ. ओमकुमार, मनोहरलाल, दीपक कुमार ने व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखा।
कोषाध्यक्ष बृजपाल एवं सह कोषाध्यक्ष आयुष गुप्ता सहित समस्त सदस्यों का योगदान सराहनीय रहा। डॉ. कुलदीप चौधरी, मुनीश धीमान, सुनील सैनी, सूरज धीमान, शुभम यादव (देवा), दक्ष चड्डा, अरुण यादव, तेजेंद्र यादव (पिल्लू), दिनेश चौधरी सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने तन-मन-धन से सहयोग किया।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के चेयरमैन द्वारा अतिथियों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया, जबकि पूर्व विधायक जगपाल सिंह ने समिति सदस्यों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।
सम्मेलन के अंत में समाज में संगठन, संस्कार और सकारात्मक परिवर्तन का सामूहिक संकल्प लिया गया। यह आयोजन क्षेत्र में सामाजिक जागरण का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा।



















