महाशिवरात्रि पर ब्रह्माकुमारी सेवाकेंद्र में आध्यात्मिक कार्यक्रम, शिव ध्वजारोहण के साथ दिया कर्मयोग का संदेश


शहरी चौपाल ब्यूरो
नकुड़ (सहारनपुर)। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय सेवाकेंद्र पर भव्य एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में चेयरमैन शिवकुमार गुप्ता तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. आदित्य पंवार उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं पटका भेंट कर सम्मानपूर्वक किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सेवाकेंद्र पर हुआ, जहां सेवाकेंद्र संचालिका बी.के. संगीता बहन ने महाशिवरात्रि के आध्यात्मिक रहस्य पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि परमात्मा शिव निराकार एवं कल्याणकारी हैं। उन्हें भोलानाथ, सोमनाथ, बबुलनाथ आदि नामों से क्यों पुकारा जाता है, इसका भी उन्होंने सरल शब्दों में वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि जहां अन्य देवी-देवताओं को पुष्प अर्पित किए जाते हैं, वहीं शिवलिंग पर बेलपत्र और आक का फूल चढ़ाने का विशेष महत्व है। ‘शिव’ के साथ ‘रात्रि’ शब्द जोड़ने का अर्थ भी उन्होंने स्पष्ट किया और बताया कि परमात्मा का दिव्य कर्तव्य मानव आत्माओं को अज्ञान रूपी अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाना है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. आदित्य पंवार ने कहा कि सेवाकेंद्र पर आकर उन्हें आत्मिक शांति और स्नेह का अनुभव होता है। यहां के भाई-बहनों का निस्वार्थ प्रेम सराहनीय है।
मुख्य अतिथि चेयरमैन शिवकुमार गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि जन्म और मरण भले ही परमात्मा के अधीन हों, लेकिन मानव जीवन में किए जाने वाले कर्म हमारे हाथ में हैं। यदि हम अच्छे कर्म करें, सभी के सुख और भलाई की भावना रखें, तो समाज में शांति और सौहार्द स्थापित हो सकता है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि जीवन को नफरत, ईर्ष्या और वैमनस्य से दूर रखकर सेवा और सद्कर्म के मार्ग पर चलें। कार्यक्रम के अंत में शिव ध्वजारोहण किया गया और सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर पवन अग्रवाल, अरविंद सिंघल, अमरीश सिंघल, हरीश गर्ग, बी.के. सत्यपाल भाई, रमेश भाई, अशोक भाई, सुभाषचंद्र, संजीव कपिल, संदीप बत्तरा सहित सैकड़ों भाई-बहन उपस्थित रहे।



















