सहारनपुर

देवबंद जमीन विवाद: कुख्यात अतीक अहमद जैसा व्यवहार करने का आरोप, एसएसपी से कार्रवाई की मांग

फर्जी बैनामे, धमकी और निर्माण कार्य में बाधा का मामला

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर/देवबंद। देवबंद क्षेत्र में भूमि विवाद को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए प्रार्थनापत्र में एक पक्ष ने विपक्षी पर कुख्यात अपराधी अतीक अहमद जैसी कार्यशैली अपनाने का आरोप लगाया है। प्रार्थियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी, न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित कराने तथा पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

ग्राम राजूपुर निवासी इस्तवाक अहमद पुत्र नफीस अहमद ने बताया कि उन्होंने खसरा नंबर 380, करांजलि रोड देवबंद स्थित भूमि 24 जनवरी 2024 व 8 अप्रैल 2024 को रजिस्टर्ड बैनामे के माध्यम से खरीदी थी और उस पर कब्जा व पूर्ण स्वामित्व प्राप्त कर लिया था। उनका आरोप है कि मुख्तियार अहमद उर्फ बाबू गाडा पुत्र शमशुल इस्लाम निवासी मोहल्ला बडजियाउलहक व अन्य साथियों ने कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी से उसी भूमि का फर्जी बैनामा करा लिया। इस संबंध में थाना देवबंद पर मु0अ0सं0 75/26 धारा 318(4)/338/336(3)/340(2)/352/351(3) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज है।

इश्तियाक का आरोप है कि उन्हें मुकदमा वापस लेने के लिए धमकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अतीक अहमद पर जमीन कब्जाने और दबंगई के आरोप लगते रहे, उसी प्रकार उन्हें भी भयभीत करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।

वहीं, दूसरे प्रार्थनापत्र में मोहल्ला कायस्थवाड़ा शिव चौक निवासी शुभम मित्तल पुत्र सुनील कुमार मित्तल ने बताया कि उन्होंने भी उक्त भूमि का बैनामा 24 जनवरी 2024 व 8 अप्रैल 2024 को कराया था और कब्जा प्राप्त कर लिया था। आरोप है कि मुख्तियार अहमद उर्फ बाबू गाडा व उनके पुत्र अहमद गौड़ और शेर मोहम्मद ने निर्माण कार्य में अवैध रूप से बाधा उत्पन्न की। इस पर उन्होंने सिविल जज सीनियर डिवीजन देवबंद के न्यायालय में मूलवाद संख्या 08 सन् 2026 दाखिल किया, जिस पर 23 जनवरी 2026 को न्यायालय ने विपक्षियों को कब्जे व निर्माण कार्य में हस्तक्षेप न करने के आदेश दिए।

इसके बावजूद 8 फरवरी 2026 को आरोप है कि विपक्षी 10-15 लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और मजदूरों को भगा दिया।

दोनों प्रार्थियों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शीघ्र गिरफ्तारी, न्यायालय के आदेश का पालन कराने और भूमि पर कार्य करने हेतु पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि प्रकरण की जांच कर विधिक कार्रवाई की

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