मदरसा जामिया सिद्धीकिया लिल्बनात में जलसा आयोजित, कुरान की तालीम पर दिया जोर


शहरी चौपाल ब्यूरो फैय्याज अली आब्दी
नानौता। क्षेत्र के गांव बुंदुगढ़ स्थित मदरसा जामिया सिद्धीकिया लिल्बनात में बुधवार रात्रि एक भव्य जलसे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उलेमा-ए-किराम ने कुरान पाक की फजीलत बयान करते हुए तालीम-ओ-तरबियत पर विशेष जोर दिया।
जलसे में मुफ्ती मौलाना खालिद सैफुल्लाह चतुर्वेदी ने कहा कि कुरान पाक पढ़ना, पढ़ाना, सीखना और सिखाना बहुत बड़े सवाब का काम है। उन्होंने कहा कि कुरान में इंसान की हर मुश्किल का हल मौजूद है। बढ़ती नशाखोरी पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने खासतौर पर युवा पीढ़ी को नसीहत दी कि वे नशे और बुरी आदतों से दूर रहें तथा दीन की राह पर चलें।
नगर की जामा मस्जिद के इमाम मौलाना उसामा सिद्दीकी ने कहा कि अल्लाह और उसके नबी के बताए रास्ते पर चलकर ही दुनिया और आखिरत दोनों संवरती हैं। उन्होंने मुसलमानों से पाबंदी के साथ नमाज अदा करने और कलाम पाक की तिलावत करने की अपील की।
जनपद शामली के ओदरी से आए मुफ्ती मुनव्वर कासमी चतुर्वेदी व कारी मो. अम्मार ने भी कुरान पाक की अहमियत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कुरान इंसानियत के लिए मुकम्मल रहनुमा है।
मदरसा मोहतमिम मौलाना मो. नदीम ने बताया कि इस वर्ष मदरसे में तीन बच्चियां मुकम्मल आमिला बनी हैं, जबकि बीस बच्चों ने कुरान पाक पूरा किया है, जो मदरसे के लिए गर्व की बात है।
कार्यक्रम की शुरुआत कारी मो. अनस की तिलावत-ए-कुरान से हुई तथा कारी मो. गुलफाम ने नाअत पेश की। अंत में मौलाना मोहम्मद इलियास ने मुल्क की तरक्की, अमन और खुशहाली के लिए दुआ कराई।
इस अवसर पर मौलाना नाजिम अहमद, नाजिम, मुस्तकीम, फारुख, सलीम अहमद, मौलाना अम्मार सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।











